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मेक्सिको के प्रवासी मिस्सा में भाग लेते हुए मेक्सिको के प्रवासी मिस्सा में भाग लेते हुए 

कोस्टा रिका, विश्व प्रवासी दिवस,क्लैमर नेटवर्क: खुद के निर्माता

‘'हम' के वास्तुकार होने की चुनौती को स्वीकार करते हुए’, यह कोस्टा रिका का क्लैमर नेटवर्क का उद्बोधन है। यह नेटवर्क प्रवासियों, विस्थापित व्यक्तियों, शरणार्थियों और तस्करी के शिकार लोगों से संबंधित है। प्रवासियों और शरणार्थियों का 107वां विश्व दिवस, अगले रविवार, 26 सितंबर को मनाया जाएगा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोस्टा रिका, सोमवार 20 सितम्बर 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस द्वारा इस वर्ष चुनी गई वर्षगांठ का आदर्श वाक्य "एक महानतम हम की ओर" है क्लैमर नेटवर्क के अनुसार, यह उस "हम" के लिए है, जिसमें सभी बपतिस्मा प्राप्त और भली इच्छा वाले लोग शामिल हैं।" "हम सभी एक ही मानव परिवार का हिस्सा हैं।"  लेकिन दुर्भाग्य से "गरीबों, प्रवासी और शरणार्थी आबादी के सामने सामाजिक, वैचारिक और अक्सर धार्मिक बाधाएँ सामने आती हैं।

क्लैमर नेटवर्क

क्लैमर नेटवर्क के अनुसार "हमारे भाइयों से दूर होने की ये नीतियां अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं और ऐसा करके वे उन सभी कार्यों और भूलों को करते हैं, जो उन लोगों की गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं, जो उनके नियंत्रण से परे स्थितियों के कारण 'सामान्य' होने के बजाय हिंसा, सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों से अपने मूल समुदायों को छोड़ने के लिए के लिए मजबूर होते हैं।”। इसके बजाय हमें जो समझना चाहिए, वह यह है कि "हमारे समाजों का भविष्य रंगों से भरा भविष्य है, जो विविधता और अंतरसांस्कृतिक संबंधों से समृद्ध है," और यही कारण है कि "हमें आज एक साथ, सद्भाव और शांति से रहना सीखना चाहिए," क्योंकि "विशवासियों के रूप में, हमें 'हम' के वास्तुकार होने की चुनौती लेनी चाहिए।"

क्लैमर नेटवर्क के ठोस सुझाव

फिर क्या करें? क्लैमर नेटवर्क कुछ सुझाव प्रदान करता है, जिसमें "दैनिक संवाद का अभ्यास करना और दूसरे का सामना करना शामिल है; खुद को देखभाल और समावेश की एकल कहानी के सह-नायक के रूप में देखना सीखें; अधिक टिकाऊ, संतुलित और समावेशी विकास तक पहुंचने का प्रयास करें।" "एक व्यक्तिगत और सामूहिक प्रतिबद्धता जो सभी पीड़ित भाइयों और बहनों की देखभाल करती है," को स्थापित करते हुए, कोस्टा रिका के कलीसियाई निकाय क्लैमर नेटवर्क की आशा यह है कि यह "एक ठोस मार्ग बनाने में सक्षम होगा, चर्च के विभिन्न कार्यों के बीच प्रवासियों और शरणार्थियों की सहभागिता होगी।" इस तरह, "हम सभी को भाई और बहन बनने की अनुमति देना। प्रवासियों और शरणार्थियों की वास्तविकता को मानवीय बनाने के मिशन में खुद को एकजुट करना।" उनका "स्वागत" करना, एक ही यात्रा के साथी के रूप में संरक्षित, प्रचारित और एकीकृत करना। (संत पापा फ्राँसिस द्वारा अक्सर याद किए गए चार क्रियाएँ।)

20 September 2021, 15:28