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कारितास स्वीट्जरलैंड ˸ उपयुक्त व जलवायु अनुकूल भोजन की आवश्यकता

खाद्य प्रणाली पर इस सप्ताह के अंत में यूयॉर्क में होनेवाले यूएन सम्मेलन के पूर्व, कारितास स्वीटजर्लैंड ने आह्वान किया है कि हमारा भोजन अधिक जलवायु अनुकूल हो।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

स्वीटजरलैंड, मंगलवार, 21 सितम्बर 2021 (वीएनएस)- खाद्य प्रणाली पर 23 सितम्बर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित सम्मेलन के पूर्व सोमवार को कारितास स्वीटजरलैंड ने एक बयान जारी किया।

विश्व भुखमरी

बयान में कहा गया है कि विश्व में 800 मिलियन से अधिक लोग भूखमरी से पीड़ित हैं और यह आंकड़ा जलवायु परिवर्तन एवं कोरोना वायरस संकट के कारण जल्द ही बढ़कर बिलियन पहुंच सकता है। विश्व की एक तिहाई आबादी कुपोषित है और पर्याप्त स्वास्थ्य एवं संतुलित भोजन नहीं ले पा रही है।

अतः कारितास, स्वीटजरलैंड आह्वान कर रही हैं कि "विपरीत कोर्स और विश्व भोजन को अधिक न्यायसंगत, संकट-सबूत और जलवायु-अनुकूल बनाने में योगदान दें"।

कृषि पारिस्थितिक

कारितास स्वीटजरलैंड ने संकेत दिया है कि "कृषि पारिस्थितिक पर अधिक दृढ़ता से और लगातार" लक्ष्य बनाकर, कृषि और खाद्य प्रणाली में बदलाव की अति आवश्यकता है। जिससे खेती बारी में भूमि एवं जलवायु का सम्मान करते हुए उच्च पैदावार और आमदनी प्राप्त किया जा सके।  

इस बात को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने स्वीस संघीय समिति और संसद को इस राष्ट्रव्यापी लक्ष्य के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने की अपील की है।

कारितास ने कहा, "लक्ष्य होना चाहिए, खाद्य उत्पादन को पर्यावरण के अनुकूल, स्वस्थ, उचित, सस्ता और अधिक प्रतियोगी।"

इसलिए व्यापार नीतियों को अपनाना "पर्यावरण के प्रति निष्पक्ष और सम्मानजनक होना चाहिए, ताकि छोटे किसानों और उत्पादकों के मानवाधिकारों को मजबूत किया जा सके और सबसे गरीब देशों में खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता को बढ़ावा दिया जा सके।"

पर्यावरण की चेतावनी का खतरा

इस बात पर गौर करते हुए कि पर्यावरण की चेतावनी लगातार बढ़ रही है और हर आधी डिग्री बढ़ने से तापमान में अत्याधिक वृद्धि, भारी वर्षा, कई क्षेत्रों में सूखा और अनेक लोगों के लिए भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है, कारितास ने स्वीट्जरलैंड का आह्वान किया है कि वह अपनी जिम्मेदारी ले तथा समाज में जलवायु अनुकूल पहल करते हुए पेरिस समझौता को अपनाये एवं जलवायु मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दृढ़ता प्रदान करे।  

अंततः बयान में कहा गया है कि यह स्वीट्जरलैंड की रूचि पर निर्भर करता है कि वह कम कार्बन एवं जलवायु के अनुकूल विकास पथ" पर अग्रसर होने में गरीब देशों का समर्थन करे।

21 September 2021, 16:25