प्रातीकात्मक तस्वीर प्रातीकात्मक तस्वीर  (AFP or licensors)

धर्माध्यक्षों ने ओडिशा में पादरी पर हमले की निंदा की, जल्द न्याय की मांग की

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने (सीबीसीआई) ने ओडिशा में एक ईसाई पादरी पर हुए घिनौने हमले की कड़ी निंदा की है और इस घटना को हिंसा और अपमान का एक गंभीर कृत्य बताया है, जो मानव सम्मान एवं धर्म मानने की आजादी पर चोट करता है।

वाटिकन न्यूज 

नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026 (रेई) : सीबीसीआई के वेबसाईट पर प्रकाशित समाचार अनुसार, पादरी को जबरदस्ती गाय का गोबर खिलाया गया। इसे धर्माध्यक्षों ने एक अमानवीय काम बताया है जो न सिर्फ किसी इंसान को नीचा दिखाता बल्कि उसके विश्वास को भी निशाना बनाता है। धर्माध्यक्षों ने कहा कि ऐसे कामों की सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में कोई जगह नहीं है।

तुरंत और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए, काथलिक धर्माध्यक्षों ने अधिकारियों से बिना देर किए अपराधियों की पहचान करने और उन्हें सजा दिलाने एवं पीड़ित को न्याय दिलाने की अपील की। ​​उन्होंने पादरी के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए हिंसा और भेदभाव के सभी पीड़ितों के साथ खड़े रहने का अपना वादा दोहराया।

स्थानीय समाचार पत्र हिन्दी सबरंग के अनुसार, ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक हिंदूत्ववादी भीड़ ने 4 जनवरी 2026 को पादरी बिपिन बिहारी नाइक पर हिंसक हमला की। उन्हें बेरहमी से पीटा, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और यातनाएँ दीं। जिनमें जबरन गोबर खिलाना, चप्पलों का माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से घुमाना और धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर करना शामिल है। सार्वजनिक दबाव के बावजूद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और तथा कथित आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित को उल्टे एक काउंटर एफआईआर का सामना करना पड़ रहा है।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

27 जनवरी 2026, 16:07