लीमा की संत रोस की प्रतिमा का उद्घाटन करते हुए संत पापा लियो 14वें लीमा की संत रोस की प्रतिमा का उद्घाटन करते हुए संत पापा लियो 14वें  (VINCENZO LIVIERI)

वाटिकन उद्यान में कुँवारी मरियम एवं लीमा की संत रोस की प्रतिमा का उद्घाटन

संत पापा लियो 14वें ने वाटिकन उद्यान में धन्य कुँवारी मरियम को समर्पित मोजाईक एवं लीमा की संत रोस की प्रतिमा का उद्घाटन किया तथा इसे पेरू और वाटिकन के बीच विश्वास एवं दोस्ती के गहरे रिश्तों को नवीकृत करनेवाली घटना बताया।

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, शनिवार, 31 जनवरी 2026 (रेई) : संत पापा ने कहा, “हम यहाँ एक खुशी के अवसर के लिए एकत्रित हुए हैं : कुँवारी मरियम को समर्पित मोजाईक एवं लीमा की संत रोस की प्रतिमा के वाटिकन उद्यान में उद्घाटन के लिए। यह चिन्ह मेरे प्रिय देश पेरू और वाटिकन को जोड़नेवाले विश्वास एवं मित्रता के गहरे संबंध को नवीकृत कर रहा है।”

संत पापा ने इस अवसर पर पेरू के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सदस्यों, वाटिकन के लिए पेरू के राजदूत एवं वाटिकन राज्य के प्रशासन के अध्यक्ष का अभिवादन किया।

संत पापा ने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने तस्वीर का निर्माण किया और जिनके द्वारा तस्वीर का निर्माण संभव हुआ।

तस्वीरों की व्याख्या करते हुए संत पापा ने कहा, “हमारी स्वर्गीय माता और पहली लैटिन अमेरिकी संत, लीमा की संत रोस, दोनों ही संत हमें पवित्रता की ओर ले जाते हैं।”

वाटिकन द्वितीय महासभा के अनुसार, “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सभी विश्वासी, चाहे उनकी हालत या स्थिति कुछ भी हो, ख्रीस्तीय जीवन की परिपूर्णता और उदारता की पूर्णता के लिए बुलाए गए हैं। इस पूर्णता को पाने के लिए, विश्वासियों को ख्रीस्त के आत्म-समर्पण से मिली शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि, उनके पदचिन्हों पर चलते और उनकी छवि के अनुरूप काम करते हुए, एवं सभी चीजों में पिता की इच्छा का पालन करते हुए, वे खुद को पूरे दिल से ईश्वर की महिमा और अपने पड़ोसी की सेवा के लिए समर्पित कर सकें। इस तरह ईश्वर के लोगों की पवित्रता बहुत फल लायेगी, जैसा कि कलीसिया का इतिहास, संतों के जीवन में इसे शानदार ढंग से व्यक्त करता है।” (लुमेन जेंसियुम, 40)

अतः संत पापा ने पवित्रता की बुलाहट के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, “प्यारे मित्रो, आज हम जिन खूबसूरत छवियों पर चिंतन कर रहे हैं, वे हमें उस बुलाहट की महानता की याद दिलाती हैं जिसके लिए ईश्वर हमें बुलाते हैं, यानी पवित्रता का बुलावा। मैं आपको ईश्वर की कृपा से, आज की दुनिया में उस पवित्रता के गवाह और उदाहरण बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ क्योंकि अपने आपका पवित्रीकरण ही ईश्वर की इच्छा है। कुँवारी मरियम और सभी संत हमारे स्वर्ग यात्रा में हमारी मदद करें।”

अंत में, संत पापा ने सभी को धन्यवाद देते हुए अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

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31 जनवरी 2026, 13:19