चुनौतियों के बीच सन्त पापा लियो की अफ्रीका यात्रा
वाटिकन सिटी
आल्जीरिया, मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 (रेई, एपी): सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा लियो 14 वें ने सोमवार को आल्जीरिया से अपनी प्रथम अफ्रीकी प्रेरितिक यात्रा आरम्भ की। इस 11 दिवसीय यात्रा के दौरान सन्त पापा अफ्रीका के आल्जीरिया सहित कैमरून, अंगोला और एक्वेडोरियल गिनी के नौ शहरों का दौरा कर रहे हैं।
विविधताओं से परिपूर्ण
13 अफ्रैल से 23 अप्रैल तक जारी रहनेवाली सन्त पापा लियो 14 वें की यह प्रेरितिक यात्रा उनकी सर्वाधिक लम्बी यात्रा है और आल्जीरिया में किसी सन्त पापा की पहली यात्रा है। अन्य तीन देशों में दशकों में यह प्रथम परमाध्यक्षीय यात्रा है। सांस्कृतिक और भाषाई विविधताओं से पहचाने जानेवाले स्थलों एवं सन्दर्भों से भरी इस यात्रा के कार्यक्रम में ऐसे स्थान भी शामिल हैं जो सामाजिक और राजनैतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनमें आन्तरिक और बाह्य संघर्ष, आप्रवास एवं विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच सहअस्तित्व जैसी महान चुनौतियाँ मौजूद हैं। इस प्रेरितिक यात्रा के दौरान सन्त पापा लियो अँग्रेज़ी, स्पानी, फ्रेंच और पुर्तगाली भाषाओं में अपने प्रवचन प्रस्तुत करेंगे।
सन्त अगस्टीन के पदचिन्हों पर
अमरीका में जन्में इतिहास के सर्वप्रथम सन्त पापै, सन्त पापा लियो 14 वें की मुसलमान बहुल देश आल्जीरिया में दो दिवसीय यात्रा का प्रमुख उद्देश्य तमाम विश्व में जारी संघर्ष के समय ख्रीस्तीय एवं इस्लाम धर्मानुयायियों के बीच मैत्री और आपसी सम्मान को प्रोत्साहित करना और साथ ही अपनी आध्यात्मिक प्रेरणा, सन्त अगस्टीन, के पदचिन्हों पर चलकर उनके प्रति आदर भाव व्यक्त करना है। सन्त अगस्टीन के विषय में रोम से आल्जियर्स की विमान यात्रा के दौरान पत्रकारों से सन्त पापा लियो ने कहा कि वे उनकी धरती पर आकर अत्यन्त प्रसन्न थे, जो विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच सम्वाद हेतु एक बहुत ही ज़रूरी पुल हैं।
शांति का सुसमाचार
ईरान के खिलाफ़ अमरीकी-इस्राएली युद्ध ने इस यात्रा पर संकट के बादलों को उस समय आच्छादित कर दिया जब अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने रविवार रात्रि सन्त पापा लियो पर यह कहकर हमला कर डाला कि उन्हें रेडिकल लेफ्ट की सेवा बंद करना चाहिये। सन्त पापा लियो ने एक शांति प्रार्थना सभा के दौरान युद्ध को बढ़ावा देने वाले “सबसे ताकतवर होने के भ्रम” की आलोचना की थी। ट्रम्प के हमले का जवाब पत्रकारों से बातचीत में सन्त पापा ने बड़ी सरलता से दिया और कहा कि उनकी शांति और सुलह की अपील सुसमाचार में निहित है। उन्होंने यह भी कहा कि वे राजनीति में उलझना नहीं चाहते और ट्रम्प प्रशासन का उन्हें कोई भय नहीं है।
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