सन्त पापा लियो 14 वें (प्रतीकात्मक तस्वार)  सन्त पापा लियो 14 वें (प्रतीकात्मक तस्वार)   (ANSA)

सन्त पापा लियो की आरम्भिक रचनाएँ अँग्रेज़ी में होंगी प्रकाशित

सन्त पापा लियो 14 वें की फ्रीडम अन्डर ग्रेस अर्थात् अनुग्रह के अधीन स्वतंत्रता शार्षक से आरम्भिक रचनाएँ आगामी सितम्बर माह में पहली बार अँग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित की जायेंगी।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 26 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा लियो 14 वें की फ्रीडम अन्डर ग्रेस अर्थात् अनुग्रह के अधीन स्वतंत्रता शार्षक से आरम्भिक रचनाएँ आगामी सितम्बर माह में पहली बार अँग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित की जायेंगी।

स्वतंत्रता और अनुग्रह

“फ्रीडम अन्डर ग्रेस: रिफ्लेकशन ऑन द स्पिरिचुएल ट्रडीशन देट फ्रॉम्ड मी,” शीर्षक से रचित उक्त कृति को पेंगुइन रैंडम हाउस क्रिश्चियन पब्लिशिंग ग्रुप की इमेज बुक्स द्वारा प्रकाशित किया जायेगा। मूलरूप से यह पुस्तक इतालवी भाषा में वाटिकन प्रकाशन केन्द्र द्वारा प्रकाशित की जा चुकी है। इस पुस्तक में फा. रॉबर्ट फ्राँसिस प्रेवॉस्ट के उस समय के पत्र, प्रवचन एवं सम्बोधन शामिल हैं जिन्हें सन्त पापा लियो ने 2001 से 2013 तक अगस्टीन धर्मसमाज के महाध्यक्ष और प्रधान रहते हुए लिखे थे।   

अगस्टीन धर्मसमाज के फादर रॉक्को रोंज़ानी, मिगुएल एंजेल मार्टिन सुआरेज़ तथा माइकल दि  ग्रेगोरियो द्वारा सम्पादित की गई यह पुस्तक उस पुरुष विशेष की सोच और आध्यात्मिकता की एक झलक दिखाती है जो बाद में सार्वभौमिक कलीसिया के परमाध्यक्ष नियुक्त हुए।

प्रकाशक की ओर से

पेंगुइन रैंडम हाउस क्रिश्चियन पब्लिशिंग ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रकाशक कैंपबेल व्हार्टन के अनुसार, “हर अध्याय उस व्यक्ति की आध्यात्मिक गहराई और दृष्टि का एक झरोखा है जो आगे चलकर सन्त पापा लियो 14 वें बने।” उन्होंने इस कृति को “आज के विश्व में व्याप्त चुनौतियों से निपटने के लिए प्रेम और सेवा का एक ज़रूरी सन्देश” निरूपित किया।

श्री व्हार्टन ने कहा कि फ्रीडम अंडर ग्रेस सिर्फ़ काथलिकों के लिये ही नहीं, बल्कि “किसी भी ख्रीस्तानुयायी या आध्यात्मिक साधक के लिए है जो विश्व को रूपान्तरित करनेवाली ज़िंदगी जीने हेतु मार्गदर्शक और उम्मीद की तलाश में है।”

कार्डिनल पारोलीन

इतालवी भाषा में पुस्तक के प्रकाशन के समय वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कहा थाः किताब के पन्ने फादर प्रेवॉस्ट के विचारों के केन्द्र में अगस्टीन धर्मसमाज के आदर्श को दर्शाते हैं, जिसमें ईश्वर की खोज, कृपा की अहमियत, कलीसिया का मिशन, गरीबों की पुकार और आज की दुनिया के लिए समझने लायक भाषा में सुसमाचार को बताने की ज़रूरत शामिल है।

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26 जून 2026, 11:36