पोप की संत पीयुस 10वें समाज से आखिरी अपील: ख्रीस्त के सीवनरहित कुरते को न फाड़ें
वाटिकन न्यूज
वाटिकन सिटी, मंगलवार, 30 जून 2026 (रेई) : पोप लियो 14वें ने हाल ही में कास्तेल गंदोल्फो में पत्रकारों के साथ अपनी मुलाकात के दौरान घोषणा की थी कि उन्होंने संत पीयुस 10वें के पुरोहितों की सोसाईटी से आखिरी अपील की है, जिसमें उनसे कहा है कि वे परमधर्मपीठीय आदेश के बिना 1 जुलाई की सुबह स्विट्जरलैंड के एकोन में होनेवाले चार नए धर्माध्यक्षों के अभिषेक के साथ आगे न बढ़ें।
पोप लियो लिखते हैं, “एक पिता जैसे दिल से, और प्रेरित संत पेत्रुस के उतराधिकारी के रूप में प्रभु द्वारा मुझे सौंपी गई जिम्मेदारी को समझते हुए, मैं आपसे और आपके द्वारा, संत पीयुस 10वें की पुरोहितीय सोसाईटी से जुड़े धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, सेमिनरी छात्रों और विश्वासियों से बात करता हूँ।” “कलीसिया धर्मविधिक पूजा-पाठ के प्रति समर्पण, पुरोहितीय प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता, प्रेरितिक उत्साह और परंपरा के प्रति निष्ठा की इच्छा को पहचानती है, जो आपकी सोसाईटी से जुड़े कई लोगों और समुदायों की खासियत है। इसी ने मेरे पूर्वाधिकारियों को आपके प्रति लगातार ध्यान देनेवाला और उदार रवैया दिखाने के लिए प्रेरित किया है।”
पोप आगे कहते हैं, “इसी भावना से, और ख्रीस्तीय प्यार से भरकर, मैं आपसे गुज़ारिश करता हूँ और पूरे दिल से आग्रह करता हूँ: कृपया वापस आ जाइए!” “मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप विश्वासियों की आध्यात्मिक भलाई के बारे में ध्यान से सोचें, क्योंकि आप जो फूट डालनेवाला कृत्य करनेवाले हैं, वह उन्हें उन संस्कारों के वैध और कुछ मामलों में, मान्य तरीके से मिलने से भी दूर कर देगा, जिन्हें वे प्यार करते हैं और अपनी पवित्रता के लिए लेना चाहते हैं।”
पोप ने पत्र में लिखा, “कलीसिया बातचीत और समझदारी के रास्ते के लिए तैयार है जिसे पवित्र आत्मा संभव और फलप्रद बना सकती है।” पत्र फ्रेंच में है और सोसाईटी के सुपीरियर जनरल, फादर डेविड पग्लियारानी को लिखा गया है। पोप कहते हैं, “मैं आपके लिए प्रार्थना करता हूँ, क्योंकि ख्रीस्त के बिना सीवनवाले कपड़े को फाड़ना बहुत बड़ा पाप है। प्रभु आपके अंतःकरण को रोशन करे और आपके दिलों को जगाए। दुःखी लेकिन उम्मीद भरे दिल से, मुझे लगता है कि ख्रीस्त से मिले अधिकार के जरिए, यह मेरा फर्ज है कि मैं आपको अपने इच्छित कार्य को करने से रूकने के लिए कहूँ। मैं इस मतलब को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय, भली सलाह की माता को सौंपता हूँ।”
इस तरह पोप एक बार फिर लेफेब्रिस्ट लोगों से कह रहे हैं कि वे पोप के आदेश के बिना धर्माध्यक्षों को अभिषेक देने का काम न करें। खास बात यह है कि चिट्ठी में जो मुख्य बात कही गई है, वह संत पीयुस 10वें की सोसाइटी से जुड़े विश्वासियों की आध्यात्मिक भलाई से जुड़ी है, क्योंकि ऐसा करने से उन्हें मिलनेवाले संस्कार अवैध हो जाएंगे और कुछ मामलों में—जैसे मेल-मिलाप संस्कार और शादी संस्कार—तो अमान्य भी हो जाएंगे।
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