जुलाई के लिए पोप की प्रार्थना : मानव जीवन के सम्मान के लिए

पोप लियो 14वें ने जुलाई माह की प्रार्थना की प्रेरिताई में विश्वासियों को 'मानव जीवन के सम्मान के लिए' प्रार्थना करने हेतु आमंत्रित किया है, ताकि सभी 'हर इंसान की अनोखी और विशिष्ठ कीमत को पहचान सकें और उसकी रक्षा कर सकें।'

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 2 जुलाई 26 (रेई) : पोप लियो 14वें ने दुनियाभर के काथलिकों से इस जुलाई में मानव जीवन के सम्मान के लिए प्रार्थना करने में उनके साथ शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने गुरुवार को हर महीने आनेवाला “Pray with the Pope” वीडियो जारी की, जिसे पोप के विश्वव्यापी प्रार्थना नेटवर्क ने तैयार किया है।

अपनी प्रार्थना में, पोप ने माना कि ईश्वर ने हममें से हर एक को प्यार से बनाया है और हमें पूर्ण जीवन जीने के लिए बुलाया है।

उन्होंने कहा, "हर इंसान एक पवित्र वरदान है जो आपके चेहरे को दिखाता है," "अस्तित्व के पहले पल से लेकर धरती पर उनके सफर की आखिरी सांस तक।"

उन्होंने आगे कहा, "आज, हम हर इंसान की अनोखी और कभी न दोहराई जा सकनेवाली कीमत को पहचानने और उसकी रक्षा करने की कृपा मांगते हैं।"

बिना शर्त के जीवन का स्वागत करना

उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि हम "बिना किसी शर्त के जीवन का स्वागत करना," "नाजुक चीजों का प्यार से ख्याल रखना," "हर मोड़ पर सम्मान से साथ देना," और "उन लोगों का साहस के साथ बचाव करना सीखें जिनकी कोई आवाज नहीं है।"

पोप लियो ने प्रभु से कहा कि जब हम उदासीनता या छोड़ देने की सोच में पड़ जाते हैं, और जब हम दूसरों में प्यार के लायक इंसान नहीं देख पाते, तो हमें माफ कर दें।

उन्होंने कहा, "हमें एक नया दिल दें, जो हमेशा जीवन चुनने के लिए तैयार हो, और ऐसे उदार हाथ दें जो ठोस कामों से उसकी रक्षा करें।"

पोप ने प्रार्थना की कि प्रभु अपनी कलीसिया को जीवन के सुसमाचार का जीता-जागता गवाह बनने में मदद करें, "एक खुला घर जहाँ हर जीवन के लिए खुशी मनायी जाती है, जहाँ कोई भी खुद को अनचाहा महसूस नहीं करता, और जहाँ इज्जत का हमेशा सम्मान और रक्षा की जाती है।"

अंत में, पोप लियो प्रभु येसु से प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि वे हमें जीवन से वैसे ही प्यार करने में मदद करें जैसे वे करते हैं, "कोमलता, वफादारी और खुद को देने के साथ।"

उन्होंने कहा, "हम शब्दों और कामों से यह घोषित करें कि हर मानव का जीवन हमारे सम्पूर्ण दान के योग्य है।"

पोप का विश्व व्यापी प्रार्थना नेटवर्क

1844 में प्रार्थना के प्रेरितत्व के रूप में शुरू हुआ, पोप का विश्वव्यापी प्रार्थना नेटवर्क एक परमधर्मपीठीय काम है जो येसु समाज को सौंपा गया है।

दिसंबर 2020 में, पोप फ्रांसिस ने इस कार्य को वाटिकन फाउंडेशन के तौर पर शुरू किया और जुलाई 2024 में इसके अंतिम नियमों को मंजूरी दी।

यह 92 से अधिक देशों में मौजूद है, जो 22 मिलियन से ज्यादा लोगों का एक आध्यात्मिक समुदाय बनाता है जो हर दिन ईश्वर के मिशन के लिए तैयार रहना चाहते हैं।

इसके प्रेरिताई के केंद्र में पोप की हर महीने की प्रार्थना का मनोरथ है, जो अपने सदस्यों को मानव और कलीसिया के मिशन के सामने आनेवाली बड़ी चुनौतियों पर ध्यान देने के लिए आमंत्रित करती है।

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02 जुलाई 2026, 16:10