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2021.09.17 संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात करते हुए जोन कार्लोस क्रूज़ 2021.09.17 संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात करते हुए जोन कार्लोस क्रूज़  

पीड़ितों का दृष्टिकोण शोषण के खिलाफ लड़ाई को देता तात्कालिकता

नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग ने वारसॉव में एक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया है। याजकीय यौन शोषण के एक पीड़ित क्रूज ने कलीसिया से याजकीय यौन शोषण की आपात स्थिति से निपटने का आग्रह किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वारसॉव, बुधवार 22 सितम्बर 2021 (वाटिकन न्यूज) : "जब हम दुर्व्यवहार से जीवित बचे लोगों पर विश्वास नहीं करते हैं, जब हमारे पास न्याय की चुस्त प्रक्रियाएं नहीं होती हैं, तो लोग वास्तव में आघात करते हैं और लोग इस वजह से मर रहे हैं।" उक्त बात नाबालिगों के संरक्षण के लिए परमधर्मपीठीय आयोग (पीसीपीएम) के एक सदस्य जोन कार्लोस क्रूज़ ने वाटिकन न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में कहा।

श्री क्रूज़ चिली के नाबालिगों के याजकीय यौन शोषण का एक प्रसिद्ध पीड़ित है, जो स्वर्गीय फादर फर्नांडो करादिमा के हाथों पीड़ित था (चिली के पुरोहित को सितंबर 2018 में याजकीय धर्मविधियों को अनुष्ठान में रोक लगा दिया गया था और जुलाई 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी)।

संत पापा फ्राँसिस ने इस साल मार्च में श्री क्रूज़ को पीसीपीएम के सदस्य के रूप में नियुक्त किया।

इस नई भूमिका में उनके पहले कार्यों में से एक नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग द्वारा आयोजित वारसॉव में सुरक्षा सम्मेलन के हिस्से के रूप में मध्य और पूर्वी यूरोप में कलीसिया के प्रतिनिधियों के लिए एक दुर्व्यवहार पीड़ित के दृष्टिकोण को लाना है।

इस घटना ने कलीसिया के सबसे कमजोर सदस्यों की रक्षा करने के तरीके पर चर्चा करने के लिए पूरे क्षेत्र के कलीसियाई नेताओं को एक साथ लाया है।

अतिरिक्त साहस की जरूरत

जैसा कि ऊपर उनकी टिप्पणियों से पता चलता है, श्री क्रूज़ को याजकीय यौन शोषण संकट से निपटने की तत्काल आवश्यकता के बारे में कोई संदेह नहीं है।

दुनिया के सभी हिस्सों में, यौन शोषण के आरोपों को सामने लाना एक अत्यंत कठिन अनुभव हो सकता है। श्री क्रूज़ ने कहा, "मुझे लगता है कि हर जगह बचे लोगों को अतिरिक्त साहस की ज़रूरत है,"

फिर भी, याजकीय यौन शोषण का आरोप लगाना जीवन बदलने वाली कार्रवाई में बदल सकता है।

श्री क्रूज़ ने दुर्व्यवहार के बारे में बोलने की कठिनाई को स्पष्ट करने के लिए एक उदाहरण पेश किया। "युगांडा में जीवित बचे लोगों के बारे में सोचें, उदाहरण के लिए, जहां समलैंगिकता को दंडित किया जाता है और कोई भी मर सकता है या जेल जा सकता है।" श्री क्रूज़ ने कहा, "मैं उन बचे लोगों से मिला हूँ जो समलैंगिक नहीं हैं, लेकिन यह कहने से डरते हैं कि उन्हें एक पुरोहित द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था। अगर वे कहेंगे तो उनपर समलैंगिक होने का आरोप लगेगा और वे मर सकते हैं।"

दुर्व्यवहार से बचे लोगों के लिए दृश्यता

श्री क्रूज़ ने कहा कि साम्यवादी दमन के दशकों पुराने इतिहास के कारण मध्य और पूर्वी यूरोप की अपनी विशिष्ट स्थिति है। वारसॉव में यौन शोषण के विषय को संबोधित करने का यह उनका पहला मौका नहीं है। उन्होंने कहा कि कई साल पहले उन्होंने पोलिश राजधानी में साधारण लोगों द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान जीवित बचे लोगों के एक समूह से बात की थी, जिसे उन्होंने "गोपनीय" स्थान के रूप में वर्णित किया था।

श्री क्रूज़ ने कहा, "हमने सोचा था कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति नहीं आएगा, लेकिन लगभग सौ आए और उनमें से कुछ बहुत डरे हुए थे, क्योंकि उस समय बचे लोगों के खिलाफ बहुत दमन था और अभी भी है।"

श्री क्रूज़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वर्तमान वारसॉव सम्मेलन दुर्व्यवहार से बचे लोगों को दृश्यता प्रदान करेगा और क्षेत्र के धर्माध्यक्षों को यह विश्वास दिलाएगा कि याजकीय यौन शोषण एक ऐसी समस्या है जिससे निपटा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "यह हर जगह होता है," “हमें पीड़ित लोगों की मदद करने की ज़रूरत है, हमें उन पर विश्वास करने की आवश्यकता है, हमें उनकी देखभाल करने की आवश्यकता है, हमें उन्हें न्याय दिलाने के लिए कड़ी प्रक्रियाओं की आवश्यकता है।"

श्री क्रूज़ ने कहा, "संत पापा फ्राँसिस मेरे लिए ऐसे व्यक्ति रहे हैं जो वास्तव में इसकी परवाह करते हैं।" रोमन कुरिया और स्थानीय कलीसियाओं में हर किसी के सामने जल्द से जल्द याजकीय यौन शोषणरुपी "कैंसर" को सामने लाना होगा।

उन्होंने कहा, "अगर हम इस ट्यूमर को एक बार और सभी के लिए नहीं हटाते हैं, तो यह हमेशा के लिए एक समस्या बनी रहेगी।"

22 September 2021, 15:35