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नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष कार्डिनल सीन ओ'माली नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष कार्डिनल सीन ओ'माली 

यौन शोषण संकट 'प्रेरितिक हृदयपरिवर्तन' की आवश्यकता,कार्डिनल सीन

नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष पोलिश शहर वारसॉव में एक सुरक्षा सम्मेलन के प्रतिभागियों का स्वागत किया और संत पापा फ्राँसिस के पूर्वी और मध्य यूरोप में कलीसियाओं के लिए प्रेरितिक हृदय परिवर्तन के निमंत्रण को दोहराया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वारसॉव, सोमवार 20 सितम्बर 2021 (वाटिकन न्यूज) : "यौन शोषण के शिकार जीवित बचे लोगों को सुनना, उन्हें स्वीकार करना और ईमानदारी से क्षमा मांगना नवीनीकरण की इस यात्रा का अनिवार्य कदम हैं।" नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष कार्डिनल सीन ओ'माली ने मध्य और पूर्वी यूरोप में कलीसिया के लिए इस उपदेश के साथ वारसॉव में 4 दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत की। नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग  ने 19 से 22 सितंबर तक "ईश्वर के बच्चों की सुरक्षा का हमारा साझा मिशन" विषय के तहत कार्यक्रम आयोजित किया है।

कलीसिया के नवीनीकरण के लिए हृदय परिवर्तन

लगभग 20 देशों के कलीसियाई संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों के लिए अपने उद्घाटन भाषण में, कार्डिनल ओ'माली ने "पूरी कलीसिया के लिए एक मिशनरी पथ के रूप में" प्रेरितिक हृदय परिवर्तन के महत्व के बारे में कहा, जिस पर खुद संत पापा फ्राँसिस अक्सर जोर देते हैं।

कार्डिनल ने कहा, "व्यक्तिगत और संस्थागत दोनों स्तरों पर हृदय परिवर्तन नवीनीकरण की प्रक्रिया के केंद्र में है।" उन्होंने कहा कि सम्मेलन में हृदयपरिवर्तन का निमंत्रण एक आवश्यक विषय है, जो मध्य और पूर्वी यूरोप में यौन शोषण के मामले में कलीसिया को नवीनीकृत करने की उम्मीद करता है।

कार्डिनल ने कहा, "हमें उस बदलाव के लिए काम करना चाहिए जो कलीसिया के जीवन के सभी पहलुओं में शामिल होगा," अपराध करने वाले व्यक्ति की स्थिति या कार्यालय की परवाह किए बिना, जहां कहीं भी यौन शोषण हुआ है, उसका सामना करना होगा।

सुनने वाला दिल

कार्डिनल ओ'माली ने तब नाबालिगों और कमजोर व्यक्तियों की सुरक्षा और देखभाल के लिए कलीसिया के नेताओं को उनकी प्रेरिताई में सहायता करने के लिए तीन चरणों की पेशकश की।

पहला - "सुनना" - एक ऐसे दिल की आवश्यकता होती है जो "घटना की सच्चाई" को स्वीकार करने के लिए तैयार हो।

उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति जिसपर कलीसिया में पुरोहित, धर्मसंघी या अन्य व्यक्तियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया है, अपनी अपबीती घटना बताता है, तो हमें उन्हें और उनकी गवाही को अत्यंत सम्मान के साथ सुनना चाहिए।"

कार्डिनल ने "संचार और मुलाकात के स्पष्ट साधनों" के निर्माण का भी आह्वान किया, जहां दुर्व्यवहार से बचे लोग चाहें तो कलीसिया से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने कई धर्मप्रांतों की प्रशंसा की जिन्होंने जीवित बचे लोगों या उनके परिवार के सदस्यों से संपर्क करने के लिए समर्पित फोन लाइन या ईमेल खाते स्थापित किए हैं। धर्मप्रांतों को स्थानीय संस्कृति के आधार पर अपनी संचार की लाइनों को अनुकूलित करने का प्रयास करना चाहिए। "यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी जीवित बचे लोगों और उनके प्रियजनों के लिए स्थानीय कलीसिया के साथ संपर्क करने और बातचीत में शामिल होने के लिए सुलभ, स्वागत योग्य और गैर-न्यायिक अवसर प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करें।"

दुर्व्यवहार से बचे लोगों को स्वीकार करना

नवीनीकरण की प्रक्रिया में अगला कदम है - "दुर्व्यवहार से बचे लोगों को स्वीकार करना।"  कलीसिया को "यौनपीड़ितों की ईमानदारी से और स्पष्ट पहचान प्रदान करनी चाहिए।"

कार्डिनल ओ'माली ने कहा कि रक्षात्मकता एक सही प्रतिक्रिया नहीं है और इसे "दुर्व्यवहार पीड़ितों के अनुभवों को गहराई से सुनने और पूरी तरह से समझने की इच्छा के साथ प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए। इस सुनने की प्रक्रिया में एक बाधा है। "संस्थागत कलीसिया की प्रतिष्ठा को गुमराह करने वाली चिंता" है।

कार्डिनल ओ'माली ने कहा, "जबकि पुरोहित कलीसिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं, और कई मामलों में विश्वास की रक्षा में पीड़ित अपनी जान दे दी है।" दुर्व्यवहार की गवाही के लिए एक संदेहपूर्ण और कभी-कभी अपमानजनक प्रतिक्रिया भी हो सकती है उन लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं जिन्हें कलीसिया को प्रेरितिक देखभाल करने के लिए कहा जाता है, अर्थात्, कलीसिया के भीतर ही अपमानजनक पुरोहितों द्वारा दुर्व्यवहार और घायल किए गए।"

क्षमा मांगना

तीसरा और अंतिम चरण - "क्षमा मांगना" - कलीसिया के नेताओं को येसु का अनुकरण करने की आवश्यकता है जो लोगों की जरूरतों को देखकर प्रभावित हुए।

कार्डिनल ओ'माली ने कहा कि कई यौन पीड़ितों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है और उन्हें "कलीसिया द्वारा ही उनकी पीड़ा में खारिज कर दिया गया है," यह कहते हुए कि वे इसके बजाय कलीसिया के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा, "हमारे समुदायों में नायक की भूमिका को अपनाने के द्वारा, दुर्व्यवहार पीड़ित सुसमाचार सत्य के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकते हैं जो कलीसिया के लिए, यहाँ तक कि नए प्रचार के लिए रास्ता खोलता है।"

यद्यपि प्रत्येक दुर्व्यवहार से पीड़ित व्यक्ति की यात्रा व्यक्तिगत और गहरी पीड़ादायक होती है, कलीसिया के नेताओं को "यौन शोषण से प्रभावित सभी लोगों से क्षमा मांगनी चाहिए।"

विश्वसनीयता पुनर्प्राप्त करना

अंत में, नाबालिगों की सुरक्षा के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष ने मध्य और पूर्वी यूरोप की कलीसिया को प्रेरितिक हृदय परिवर्तन के मार्ग पर चलते रहने का आह्वान किया, ताकि कलीसिया "विश्वसनीयता को पुनः प्राप्त कर सके और चंगाई को बढ़ावा दे सके।"

कार्डिनल ओ'माली ने अंत में कहा कि सीखने की यात्रा, "जीवन भर चलती रहेगी।" "यहां एकत्रित समर्पित और सक्षम लोग, इस क्षेत्र के कई अन्य लोगों की सहायता से उपचार और सुलह की प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।" मुझे विश्वास है कि हम सही रास्ते पर हैं और सार्थक प्रगति कर सकते हैं। हमें हमेशा पीड़ितों की चिंता और उनकी जरूरतों को सबसे पहले रखते हुए, आगे बढ़ना है।"

 

20 September 2021, 15:59