सीबीसीआई की 37वीं आमसभा में विश्वास, संविधान और राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर चर्चा होगी
वाटिकन न्यूज
नई दिल्ली, मंगलवार, 3 फरवरी 2026 (सीबीसीआई) : हर दो साल में आयोजित होनेवाली इस सभा में देशभर के कुल 174 धर्मप्रांतों के काथलिक धर्माध्यक्ष प्रार्थना, चिंतन तथा राष्ट्रीय एवं कलीसियाई महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श हेतु एक साथ आयेंगे।
सीबीसीई की आमसभा की विषयवस्तु है, “विश्वास और राष्ट्र : भारत के संवैधानिक दृष्टिकोण पर कलीसिया का साक्ष्य”, सीबीसीआई के आदर्शवाक्य, “साक्ष्य देने में एक साथ” से गहराई से जुड़ा है। सुसमाचार में निहित और ख्रीस्त के प्रेम से प्रेरित, सीबीसीआई विश्वास को मजबूत करने, भारत के अलग-अलग समुदायों के बीच एकता को बढ़ावा देने और समाज में न्याय, शांति और मेलजोल को प्रोत्साहित करने के अपने मिशन को जारी रखे हुए है।
4 फरवरी को होनेवाले पवित्र यूखरिस्त की अध्यक्षता भारत और नेपाल के प्रेरितिक राजदूत, महाधर्माध्यक्ष लियोपोल्दो जिरेली करेंगे, जो संत जॉन्स ऑडिटोरियम में उद्घाटन समारोह के दौरान सभा को सम्बोधित भी करेंगे। इस अवसर पर सीबीसीआई के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष एंड्रयूज थज़ाथ भी सभा को सम्बोधित करेंगे।
हफ्तेभर चलनेवाली मीटिंग के दौरान, धर्माध्यक्षगण विषयवस्तु पर गंभीरता से चर्चा करेंगे, इसकी कलीसियाई, सामाजिक और राजनीतिक जरूरतों की जांच करेंगे, खासकर, मौजूदा हालात में जब संवैधानिक मूल्यों के लिए चुनौतियाँ और देश के अलग-अलग हिस्सों में ईसाई समुदायों पर हमलों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
37वीं सीबीसीआई की महासभा, खासकर सीबीसीआई के उप-महासचिव माननीय डॉ. मैथ्यू कोयिकल के मार्गदर्शन में, इसके अलग-अलग कार्यालय और कमीशन के सक्रिय संचालन और संत जॉन्स नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज के अधिकारियों के समर्थन से, जो भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा संचालित की जानेवाली संस्था है, बहुत ध्यान से तैयार की जा रही है।
पूरे देश के विश्वासियों से अपील करते हुए, महाधर्माध्यक्ष एंड्रयूज थज़ाथ ने महासभा की सफलता के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया है, ताकि यह कलीसिया के विश्वास, एकता और देश के संवैधानिक मूल्यों के साक्ष्य को मजबूत कर सके।
Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here