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2026.02.05 सीबीसीआई की 37वीं महासभा बेंगलूरू में 2026.02.05 सीबीसीआई की 37वीं महासभा बेंगलूरू में 

सीबीसीआई की 37वीं महासभा 4 फरवरी को बेंगलूरू में शुरू हुई

सीबीसीआई की 37वीं महासभा 4 फरवरी को बेंगलुरु में शुरू हुई। भारत और नेपाल के लिए वाटिकन राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोलदो जिरेली ने सभा का उद्घाटन किया। सभा में कुल 174 धर्मप्रांतों के 200 से अधिक धर्माध्यक्ष भाग ले रहे हैं।

वाटिकन न्यूज

बेंगलूरू, बृहस्पतिवार, 5 फरवरी 2026 (सीबीसीआई) : भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की 37वीं महासभा का समारोही उद्घाटन 4 फरवरी 2026 को सेंट जॉन्स नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज, बेंगलुरु में, भारत और नेपाल के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोलदो जिरेली ने सम्पन्न की।

महासभा की विषयवस्तु है, विश्वास और राष्ट्र : भारत के संवैधानिक दृष्टिकोण के प्रति कलीसिया का साक्ष्य।”

यह विषयवस्तु सीबीसीआई के आदर्शवाक्य : “साक्ष्य में एकजुट” से मेल खाता है। सुसमाचार पर आधारित एवं ख्रीस्त के प्रेम से प्रेरित होकर सीबीसीआई, विश्वास को सुदृढ़ करने, भारत के विभिन्न समुदायों के बीच एकता को बढ़ावा देने तथा न्याय, शांति एवं समाज में सौहार्द को प्रोत्साहित करने के अपने मिशन को जारी रखे हुए है।

देशभर के 174 धर्मप्रांतों से 200 से ज्यादा धर्माध्यक्ष राष्ट्रीय और कलीसियाई आवश्यक मामलों पर प्रार्थना, चिंतन और विचार-विमर्श के लिए इकट्ठा हुए हैं।

महासभा का उद्घाटन समारोही ख्रीस्तयाग के साथ सुबह 9.00 बजे हुआ। सीबीसीआई के उप-महासचिव डॉ. मैथ्यू कोयीकल ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

ख्रीस्तयाग के मुख्य अनुष्ठाता महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेली ने अपने उपदेश में धर्माध्यक्षों को पृथ्वी के दीपक और नमक बनने तथा पवित्र आत्मा के फलों से भरने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कलीसिया के चरवाहों से कहा कि वे प्रभु के मिशन में खुश, दयालु, वफादार और विनम्र सेवक बनें, और गरीबों एवं हाशिए पर पड़े लोगों तक पहुँचकर ख्रीस्त के मानवीय प्रेम का साक्ष्य दें। ख्रीस्तयाग में सह अनुष्ठाता थे, सीबीसीआई के उपाध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष मार एंड्रयूज थज़थ; सीसीबीआई के अध्यक्ष कार्डिनल फिलिप नेरी फेराओ, सिरो-मालाबार कलीसिया के मेजर महाधर्माध्यक्ष महामहिम मार राफेल थैटिल; सिरो-मलंकरा कलीसिया के मेजर महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल बेसिलियोस क्लीमिस; मुम्बाई के महाधर्माध्यक्ष सेवानिवृत कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस; प्रथम उपाध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एंटोनीसामी;  द्वितीय उपाध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जोसेफ मार थॉमस; और सीबीसीआई के महासचिव महाधर्माध्यक्ष अनिल जोसेफ थॉमस कूटो।

उद्घाटन सत्र सुबह 11.00 बजे दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ, जिसमें बातचीत पर ईश्वर की आशीष की याचना की गई। मीटिंग के मेजबान, बैंगलोर के महाधर्माध्यक्ष ने सभा के प्रतिभागियों का स्वागत किया और बताया कि यह विषयवस्तु भारत के संविधान में दिए गए मूल्यों के प्रति कलीसिया की गहरी प्रतिबद्धता को दिखाती है। महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एंटोनीसामी ने, पोप लियो 14वें का संदेश पढ़ा। अपने उद्घाटन भाषण में, महाधर्माध्यक्ष लियोपोल्दो जिरेली ने संत पिता का प्रेरितिक आशीर्वाद दिया और कहा कि भारत के संविधान की प्रस्तावना में दिए गए आदर्श, कलीसिया की सामाजिक शिक्षाओं से गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों के बीच भी, कलीसिया मानवीय विकास के जरिए और समाज की नैतिक सोच में योगदान देकर देश की सेवा करना जारी रखी है, और कलीसिया के धर्मगुरूओं से संवैधानिक मूल्यों के साथ तालमेल बिठाकर विश्वास को जीने और उसे मनाने के नए रास्ते खोजने की अपील की।

अध्यक्ष की ओर से सभा को सम्बोधित करते हुए, महाधर्माध्य मार एंड्रयूज थज़ाथ ने कहा कि कलीसिया आज एक ऐसे अहम मोड़ पर है जहाँ अंतःकरण की जाँच हो रही है और सार्वजनिक क्षेत्र में विश्वास की अधिक परीक्षा हो रही है। उन्होंने सभा की विषयवस्तु को एक गहरा आध्यात्मिक अभिव्यक्ति और सार्वजनिक जिम्मेदारी बताया, और धर्माध्यक्षों को उम्मीद और मजबूती के मिशनरी बनने के लिए कहा। नई टेक्नोलॉजी, खासकर क्रृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिक्र करते हुए, उन्होंने टेक्नोलॉजी को मानवीय बनाने और यह पक्का करने की जरूरत पर जोर दिया कि मानव केंद्र में रहे, और कलीसिया से “डिजिटल मिशनरी” बनने की अपील की। ​​उन्होंने आगे सिनॉडल यात्रा को और गहरा करने, सार्वजनिक जीवन के लिए नेता बनाने और आम लोगों, युवाओं और महिलाओं को मजबूत बनाने के महत्व पर जोर दिया।

महाधर्माध्यक्ष अनिल कुटो ने फरवरी 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक सीबीसीआई के दो वर्षों के रिपोर्ट पेश किये। इस मौके पर, प्रेरितिक राजदूत ने 31 नए बने धर्माध्यक्षों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया, जिसके बाद गुजर चुके धर्माध्यक्षों की याद में एक पल का मौन रखा गया। पूर्वी कलीसियाओं के लिए वाटिकन विभाग के प्रीफेक्ट कार्डिनल क्लौदियो गुजेरोटी और सुसमाचार प्रचार के लिए गठित विभाग के प्रो-प्रीफेक्ट कार्डिनल लुइस अंतोनियो ताग्ले के संदेश पढ़े गए। सत्र सीबीसीआई के द्वितीय उपाध्यक्ष  महाधर्माध्यक्ष  जोसेफ मार थॉमस के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुआ, जिसके बाद सेंट जॉन्स नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक माननीय फादर जेसुदास राजमणिकम ने परिसर में प्रतिभागियों के रहने के लिए दिशानिर्देश जारी की।

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05 फ़रवरी 2026, 15:23