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संत पापा : महिलाओं के खिलाफ हिंसा ईश्वर के खिलाफ निंदा है

जैसा कि हम महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के अंतर्राष्ट्रीय दिवस को चिह्नित करते हैं, संत पापा फ्राँसिस हमें याद दिलाते हैं कि हमारी मानवता का स्तर इस बात से मापा जाता है कि हम महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार 25 नवम्बर 2022 (वाटिकन न्यूज) :  महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 1981 से प्रतिवर्ष 25 नवंबर को मनाया जाता है। इस तिथि को दोमिनिकन गणराज्य के तीन राजनीतिक कार्यकर्ताओं मिराबल बहनों को सम्मानित करने के लिए चुना गया था, जिनकी 1960 में देश के शासक राफेल ट्रूहिलो के आदेश पर क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकने और खत्म करने में मदद करना है। यह दिन जागरूकता बढ़ाने, वकालत को बढ़ावा देने और चुनौतियों एवं समाधानों पर चर्चा के अवसर पैदा करने के लिए वैश्विक कार्रवाई की मांग करता है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े बताते हैं कि औसतन हर 11 मिनट में एक महिला या लड़की को उसके ही परिवार में किसी के द्वारा मार दिया जाता है।

ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय द्वारा यह दु:खद आंकड़ा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों की हत्या उन लोगों द्वारा की जाती है जिन पर वे आमतौर पर भरोसा करते हैं, "लिंग आधारित हिंसा के सबसे चरम अभिव्यक्तियों में से एक" है।

एक सतत प्रासंगिक मुद्दा

 यह दिन महिलाओं की आवाज़ उठाने और महिलाओं पर लगाए गए सभी प्रकार के आघात की निंदा करने के लिए है, घरेलू दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न तक ही सीमित नहीं है। कोविद-19 के प्रकोप के बाद से, उभरती हुई डेटा और फ्रंट लाइन पर उन लोगों की रिपोर्ट से पता चला है कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा, विशेष रूप से घरेलू हिंसा, तेज हो गई है।

संत पापा फ्राँसिस अपने परमाध्यक्षीय कार्यकाल की शुरुआत से ही महिलाओं के सम्मान के महत्व के बारे में मुखर रहे हैं, इस बात पर जोर देते हुए कहते हैं कि एक महिला या उसके शरीर के साथ दुर्व्यवहार "ईश्वर की निन्दा" है और उन सभी महिलाओं के लिए प्रार्थना करते हैं जो शोषण और हिंसा का शिकार होती हैं क्योंकि उनका यौनकर्मियों के रूप में उपयोग किया जाता है, युद्धों और संघर्षों में उनकी तस्करी, हमला और बलात्कार किया जाता है, साथ ही वे हिंसा और भेदभाव के कई अन्य दैनिक परिदृश्यों में पीड़ित हैं।

25 November 2022, 15:28