खोज

पोप लियो 14वें पोप लियो 14वें   (AFP or licensors)

काथलिक मीडिया से पोप : मेल-मिलाप एवं हृदयों के निरस्त्रीकरण के लिए आवाज तेज करें

पोप लियो 14वें ने 21-23 जनवरी को लूर्द में होनेवाले संत फ्राँसिस डी सेल्स के 29वें दिवस के लिए फ्राँसीसी काथलिक मीडिया संघ को एक संदेश भेजा।

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 22 जनवरी 26 (रेई) : विभाजन एवं कृत्रिम बुद्धिमता के विकास से प्रभावित दुनिया में पोप लियो 14वें ने काथलिक मीडिया और संचारकों से अपील की कि वे ऐसे लोगों की कहानियों को जगह दें जो पीड़ित हैं और जो शांति के लिए कार्य कर रहे हैं।

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन द्वारा हस्ताक्षरित एवं फ्रांसीसी काथलिक मीडिया संघ को सम्बोधित, बुधवार 21 जनवरी को प्रकाशित पत्र में पोप लियो 14वे ने कहा, “मैं आपको अच्छे शब्द बोनेवाले, ऐसी आवाज उठानेवाले बनने का प्रोत्साहन देता हूँ जो साहसपूर्वक दिलों से नफरत और कट्टरता को खत्म करके मेल-मिलाप करने की कोशिश करें।”

पोप ने कहा, “इस बंटी हुई और ध्रुवीकृत दुनिया में, एंटीना बनें जो कमजोर, हाशिए पर पड़े, अकेले और जिन्हें प्यार महसूस करने की आवश्यकता है, वे क्या महसूस कर रहे हैं, उसे समझे और बताएँ।”

यह संदेश 21-23 जनवरी को लूर्द में होनेवाले संत फ्राँसिस डी सेल्स के 29वें दिवस के मौके पर भेजा गया। संघ हर साल इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन करता है, जिसमें दुनिया भर के पत्रकार काथलिक मीडिया और संचार के मिशन पर विचार करने के लिए एकत्रित होते हैं।

पोप लियो ने अपने संदेश में जोर दिया कि “कृत्रिम बुद्धिमता के विकास के इस दौर का सामना करने के लिए – जिसमें संचार का क्षेत्र भी शामिल है – दिल के कारणों, अच्छे रिश्तों की अहमियत पर लौटना और बिना किसी को बाहर किए दूसरों के करीब लौटना बहुत जरूरी है।”

उन्होंने समझाया कि इस जरूरत का जवाब “सच्चाई की सेवा” से मिल सकता है जिसे काथलिक मीडिया हर किसी को दे सकती है, यहाँ तक कि उन लोगों को भी जो विश्वास नहीं करते।”

 फादर जैक्स हामेल

पोप लियो ने फ्रांसीसी फादर जैक्स हामेल की ओर इशारा किया, जिन्हें 2016 में तथाकथित इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने मार डाला था – जो काथलिक संचारकों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे।

पोप ने बताया कि काथलिक मीडिया संघ इस अवसर पर एक पुरस्कार देता है जिसका नामकरण पुरोहित के नाम पर ही हुआ है जिससे हर साल उन पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने अपने काम के जरिए शांति और अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत को बढ़ावा दिया है।

पोप लियो ने आगे कहा, “फादर हामेल को यकीन था कि यह जानना बहुत जरूरी है कि बिना किसी अपवाद के दूसरों के साथ कैसे नजदीकी दिखाई जाए।” “एक-दूसरे को जानने के लिए, हमें अपने मतभेदों से डरे बिना मिलना चाहिए, हम कौन हैं और हम किसमें विश्वास करते हैं, इसके लिए चुनौती लेने हेतु तैयार रहना चाहिए।”

पोप ने अंत में कहा, “उनका उदाहरण आपको उस प्यार में सच्चाई की तलाश करनेवाला बनने के लिए हिम्मत दे जो सब कुछ समझाता है, एक ऐसे शब्द के कारीगर जो गले लगाता है, एक ऐसी बातचीत जो टूटी हुई चीजों को जोड़ने में सक्षम हो, इंसानियत के घावों पर मरहम लगानेवाला हो।”

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

22 जनवरी 2026, 15:35