संत पापा : फिनलैंड आशा पर आधारित ख्रीस्तीय एकता सहयोग का उदाहरण पेश करता है
वाटिकन न्यूज
वाटिकन सिटी,सोमवार 19 जनवरी 2026 : वाटिकन में संत पापा लियो 14वें ने फिनलैंड से ख्रीस्तीय एकता तीर्थयात्रा पर रोम आये काथलिक कलीसिया और ऑर्थोडोक्स कलीसिया के प्रतिनिधियों का स्वागत किया जो आज संत हेनरी का भी पर्व मना रहे हैं।
ख्रीस्तीय भाईचारे की जड़
संत पापा ने महाधर्माध्यक्ष तापियो को उनके स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया, जिसमें उन्होंने तुर्कु महाधर्मप्रांत के 750वी वर्षगांठ का भी उल्लेख किया। संत पापा ने ख्रीस्तीय एकता वर्धक प्रार्थना सप्ताह में तीर्थयात्रा के लिए अपनी खुशी जाहिर की। इस वर्ष के प्रार्थना सप्ताह का विषय एफिसियों को लिखे संत पौलुस के पत्र (4:4)से लिया गया है: “एक ही शरीर है, एक ही आत्मा और एक ही आशा, जिसके लिए आप बुलाये गये हैं।” इस आशा की पक्की नींव “पापों की क्षमा के लिए एक बपतिस्मा” में है, जो सभी ख्रीस्तीय भाईचारे की जड़ है।
फिनलैंड, ख्रीस्तीय एकता के लिए एक "मॉडल"
आगे संत पापा ने कहा कि ऐसे समय में जब लोग अक्सर निराशा की भावना से भर जाते हैं, आशा के दूत के तौर पर हमारा ज़रूरी मिशन है , कि हम दुनिया के सबसे अंधेरे कोनों में प्रभु की रोशनी पहुँचाएँ। हालाँकि संत पेत्रुस महागिरजाघर के पवित्र दरवाज़े हाल ही में बंद होने के साथ आशा की जुबली वर्ष समाप्त हो गया है, परंतु हमारी ख्रीस्तीय आशा का कोई अंत और कोई सीमा नहीं है। इस तरह, येस मसीह की कृपा से आशा और शक्ति पाकर, जो सभी के लिए आशा का प्रतीक हैं, हम अच्छे शब्दों और भलाई के कामों द्वारा सच की गवाही देने के लिए बुलाये और भेजे गये हैं।
संत पापा ने फिनलैंड के ख्रीस्तियों में आशाके कई संकेतों की तारीफ़ करते हुए खुशी जाहिर की कि फिनलैंड को “ख्रीस्तीय एकता के लिए एक मॉडल देश” कहा गया है। संत पापा ने कहा कि हेलसिंकी के धर्माध्यक्ष राईमो गोयार्रोला, एक तीन-तरफ़ा ऑर्थोडॉक्स-लूथरन-काथलिक घोषणा में, “आशा, सम्मान और दया की संस्कृति” को बढ़ावा देना चाहते हैं, और उन्होंने मिलकर इस बात पर ज़ोर दिया है कि “उपशामक और जीवन के अंत तक सेवा का विकास जारी रहना चाहिए।”
काथलिक और लूथरन के बीच बातचीत
संत पापा ने स्कांडिनेवियाई धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा राष्ट्रीय काथलिक-लूथरन संवाद द्वारा तैयार किए गए टेक्स्ट "समन्वय में विकास" को मान्यता दिए जाने को भी याद किया, और इसे "ख्रीस्तीय एकता वर्धक यात्रा में एक कीमती कदम" बताया।
सहयोग के इस उदाहरण, साथ ही संत हेनरी का त्योहार मिलकर मनाने की लंबी परंपरा, एक व्यवहारिक और लाभकारी ख्रीस्तीय एकता का स्पस्ट संकेत हैं।
संत पापा ने अगले महीने होने वाले अंतरराष्ट्रीय काथलिक-लूथरन संवाद के छठे चरण के लॉन्च को याद करते हुए अपनी बात खत्म की और इस बात पर जोर दिया कि "फिनलैंड ख्रीस्तीय एकता के सकारात्मक अनुभव" अंतरराष्ट्रीय बातचीत में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।
Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here
