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FILE PHOTO: लुआंडा के डॉस कोकेरोस स्टेडियम में एक युवा रैली के दौरान पोप बेनेडिक्ट 16वें को क्रूस दिखाते हुए श्रद्धालु FILE PHOTO: लुआंडा के डॉस कोकेरोस स्टेडियम में एक युवा रैली के दौरान पोप बेनेडिक्ट 16वें को क्रूस दिखाते हुए श्रद्धालु 

पोप लियो 14वें : अफ्रीका में एक तीर्थयात्री

वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक ने पोप लियो 14वें की अल्जीरिया, कैमरून, अंगोला और इक्वेटोरियल गिनी की आगामी प्रेरितिक यात्रा के बारे में बताया: यह यात्रा इतिहास, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि एवं विविधता से भरी होगी।

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 9 अप्रैल 2026 (रेई) : वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक, मातेओ ब्रूनी ने पोप लियो 14वें की प्रेरितिक यात्रा के बारे में बताया जिसको वे 13 से 23 अप्रैल तक अल्जीरिया, कैमरून, अंगोला और इक्वेटोरियल गिनी में करेंगे।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को जानकारी देते हुए, उन्होंने इस यात्रा के बारे में बताया जो ग्यारह दिनों में चार देशों में होगी और इसमें इंग्लिश, फ्रेंच, पुर्तगाली और स्पेनिश में भाषण शामिल होंगे। वे जिन मुख्य विषयों पर बात करेंगे उनमें शांति, आप्रवासन, पर्यावरण, युवा और परिवार शामिल हैं। ब्रूनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई खास सुरक्षा उपाय की योजना नहीं की गई हैं।

यह पोप की अब तक की सबसे लंबी यात्रा होगी और अल्जीरिया की उनकी पहली यात्रा होगी, साथ ही बाकी तीन देशों में दशकों में पहली पोप यात्रा भी होगी। यात्रा कार्यक्रम में सांस्कृतिक और भाषाई विविधता वाली जगहों और पृष्टभूमि के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों, जैसे संघर्ष, पलायन और अलग-अलग धर्मों के लोगों के साथ सहअस्तित्व शामिल है।

अल्जीरिया में, इस दौरे में बे संत अगुस्टीन की विरासत और उत्तरी अफ्रीका में ख्रीस्तीय उपस्थिति का जिक्र होगा, साथ ही मुस्लिम जगत के साथ बातचीत एवं आप्रवासन के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

कैमरून में, जिसे अपने इलाके, संसाधन और परंपराओं की विविधता एवं समृद्धि के लिए, जिसमें भाषाई विविधता भी शामिल है, “लघु अफ्रीका” कहा जाता है, पोप से शांति, सहअस्तित्व, युवाओं और समग्र मानव विकास से जुड़े विषयों पर बात करने की उम्मीद है।

अंगोला में, ध्यान युवाओं की भूमिका, प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों, तथा भ्रष्टाचार और उपनिवेशी इतिहास के असर पर होगा।

इक्वेटोरियल गिनी में, सांस्कृतिक और शैक्षणिक पृष्टभूमि के साथ-साथ संसाधनों से भरे इलाके में शांति को बढ़ावा देने में कलीसिया की भूमिका पर भी ध्यान दिया जाएगा।

पोप के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में अफ्रीका के कई कार्डिनलों के साथ-साथ अलग-अलग विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जैसा कि आम बात है, पोप से उम्मीद है कि वे प्रेरितिक यात्रा के अंत में, अपनी अंतिम विमान यात्रा के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

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09 अप्रैल 2026, 18:11