पोप लियो 14वें ने नये मारोनाइट धन्य का स्वागत किया
वाटिकन न्य
कास्तेल गंदोल्फो, सोमवार, 27 जुलाई 2026 (रेई) : पोप लियो 14वें ने नये धन्य की याद करते हुए कहा, “कल, लेबनान में, 1899 से 1931 तक मारोनाइट कलीसिया के अंताखिया के प्राधिधर्माध्यक्ष और पवित्र परिवार की मारोनाइट धर्मबहनों के धर्मसंघ के संस्थापक एलियास होयेक की धन्य घोषणा हुई। जिन्होंने तीस साल से भी अधिक समय तक बड़ी लगन और प्रेरितिक संवेदनशीलता के साथ मारोनाइट कलीसिया का संचालन किया।” संवाद और आशा के व्यक्ति के रूप में, वे कलीसिया, समाज और राजनीति के एक जाने-माने व्यक्ति थे, इसी लिए उन्हें "महान लेबनान के पिता" कहा जाता था। संत पापा ने कहा, “नए धन्य की प्रार्थनाएँ और दुआएँ हमेशा दुनियाभर में मारोनाइट विश्वासियों के साथ रहें और लेबनान के सभी लोगों के लिए शांति का वरदान लायें।” जो संत पापा ने कहा कि उन्हें बहुत प्रिय हैं।
पवित्र भूमि और पूरे मध्यपूर्व के लिए पोप की अपील
इसके बाद संत पापा ने पवित्र भूमि और पूरे मध्यपूर्व की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता जतायी, शांति की अपील दोहराई और तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की।
पोप ने कहा, “मैं पवित्र भूमि में जारी हिंसा और बिगड़ती स्थिति पर चिंता के साथ नजर रख रहा हूँ, जिसमें हाल में वेस्ट बैंक और गज़ा में कई आम लोगों की जानें गईं हैं। मैं हार्दिक अपील करता हूँ कि हर इंसान की समान प्रतिष्ठा और अधिकारों के आधार पर एक सही राजनीतिक समाधान के लिए बातचीत पर वापस लौटें, और नई मिलिट्री कार्रवाइयों और एकतरफा फैसलों को नकारें, खासकर जो हर धर्म के पवित्र स्थानों के सम्मान और मौजूदा हालात का उल्लंघन करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, मैं पूरे मध्यपूर्व के हालात के बारे में भी अपनी अपील दोहराता हूँ, जहाँ तेज मिलिट्री कारर्वाई से हिंसा और तबाही हुई है, जिससे कई आम लोगों की जान को गंभीर खतरा है और पीने के पानी एवं बिजली की कमी और भी बदतर हो गई है। मैं दिल की गहराई से इसमें शामिल सभी पार्टियों से गुज़ारिश करता हूँ कि वे हमले रोक दें और बातचीत और कूटनीति के लिए तुरंत जगहों को खोलें, ताकि पूरे इलाके के लिए जितनी जल्दी हो सके शांति मिल सके।
मेल-मिलाप हो और शांति के लिए प्रार्थना
आइए, हम दुनिया के उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना करें जो युद्ध के कारण परेशान हैं। ईश्वर जिम्मेदार लोगों के दिलों को छुएं और उनके दिमाग को रोशनी दें, ताकि जल्द ही मेल-मिलाप हो और शांति मिल सके।
हाल ही में फ्रांस और स्पेन के अलग-अलग हिस्सों में लगी भयानक आग को देखते हुए, पोप ने कहा, “मैं अपना सामीप्य व्यक्त करता हूँ और प्रभावित लोगों और बचाव दल के लिए प्रार्थना करने हेतु सभी लोगों को आमंत्रित करता हूँ।”
दादा-दादी और बुजूर्गों के 6वां विश्व दिवस
तत्पश्चात् संत पापा ने दादा-दादी और बुजूर्गों के 6वें विश्व दिवस की याद की जिसको जुलाई के अंतिम रविवार को मनाया जाता है, उन्होंने कहा, “आज दादा-दादी और बुजूर्गों का 6वां विश्व दिवस है, जिसकी विषयवस्तु है "लेकिन मैं तुम्हें कभी नहीं भूलाऊंगा" (इसा. 49:15)। पोप ने कहा, आइए हम सब मिलकर प्रभु को उस कृपा के लिए धन्यवाद दें जो बुज़ुर्ग लोग कलीसिया और समाज के लिए हैं, और आइए हम उनकी कीमती भूमिका का सम्मान करने और उसे महत्व देने के लिए खुद को समर्पित करें और हमेशा यह सुनिश्चित करें कि उन्हें सही ध्यान और मदद मिले।
उसके बाद संत पापा ने रोम, इटली और विश्व के विभिन्न हिस्सों से आये हुए सभी तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का स्नेहपूर्वक अभिवादन किया!
फ्यूमारोला" की माता मरियम का जुलूस
संत पापा ने रोम के, टाइबर नदी में, "फ्यूमारोला" माता मरियम के जुलूस को भी प्रोत्साहन दिया और माता मरियम से प्रार्थना करते हुए कहा, येसु की मां, मरियम इस खूबसूरत परंपरा में प्रतिभागियों और हम सभी को हर दिन सुसमाचार की शिक्षाओं के अनुसार जीने में सक्षम बनाएँ!
और अंत में संत पापा ने सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएं अर्पित की।
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