पोप : डिजिटल संचार को सत्य और मानव प्रतिष्ठा की सेवा करनी चाहिए
वाटिकन न्यूज
पोप लियो ने काथलिक संचारकों से सच्चाई की खोज और मानव गरिमा के सम्मान से प्रेरित डिजिटल उपकरण एवं प्रणाली को बढ़ावा देने की अपील की है।
उनकी यह अपील सिगनीस विश्व सम्मेलन में हिस्सा लेनेवालों के लिए एक संदेश में आई, जो इन दिनों रूवांडा के किगाली में हो रहा है, जिसपर उनकी ओर से वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पिएत्रो परोलिन ने हस्ताक्षर किए हैं।
पोप ने दिल से अभिवादन कहा है और वहां मौजूद लोगों को अपनी आध्यात्मिक नजदीकी का भरोसा दिलाया है, और उम्मीद जताई है कि उनकी बातचीत से उन कोशिशों को "नई तेजी" मिलेगी जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि संचार का मंच पूरे मानव परिवार की भलाई को आगे बढ़ाए।
संस्कृति और सोच को आकार देना
डिजिटल युग की असलियत पर चितंन करते हुए, संदेश में कहा गया है कि आजकल जीवन की अधिकांश गतिविधियाँ डिजिटल तकनीकी और इंटरनेट से चलती है।
अपने प्रेरितिक पत्र "मानिफिका ह्यूमानितास" का हवाला देते हुए, पोप लियो ने याद दिलाया कि ऑनलाइन संचार सिर्फ जानकारी भेजने का जरिया नहीं है। यह संस्कृति भी बनाता है, यह तय करता है कि लोग दुनिया को कैसे देखते हैं और सबकी सोच पर गहरा असर डालता है।
इस पृष्टभूमि में, पोप हिस्सा लेनेवालों को सम्मेलन की विषयवस्तु, “सांस्कृतिक सौहार्द और पर्यावरणीय अच्छाई के लिए डिजिटल संचार” को आगे बढ़ाने के व्यवहारिक तरीके खोजने के लिए बढ़ावा देते हैं।
मेलजोल, शांति और दुनिया की देखभाल
संदेश में आगे कहा गया कि ऐसा तरीका, मेलजोल और शांति के सुसमाचारी मूल्यों को दिखानेवाला संस्कृति बनाने में मदद कर सकता है, साथ ही पर्यावरण की जिम्मेदारी से देखभाल करने को भी बढ़ावा दे सकता है।
पोप लियो ने सम्मेलन में शामिल होनेवाले सभी प्रतिभागियों को कलीसिया की माँ मरियम की मध्यस्थता को सिपूर्द किया और उन्हें अपनी प्रार्थनाओं का भरोसा दिलाया कि उनके काम का हमेशा फल मिले।
अंत में, उन्होंने “प्रभु में बुद्धि और शक्ति” की शपथ के तौर पर अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।
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