फ्राँस में पोप लियो की चार दिवसीय प्रेरितिक यात्रा का कार्यक्रम
वाटिकन न्यूज
पोप लियो 14वें की 25-28 सितंबर तक फ्रांस की प्रेरितिक यात्रा का कार्यक्रम आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। चार दिन की यह यात्रा बहुत व्यस्त होगी जिसमें पोप पेरिस, संत-डेनिस, लूर्द और मेट्ज़ शहरों का दौरा करेंगे।
हालांकि पोप फ्रांसिस ने दिसंबर 2024 में अजाचो, कोर्सिका, सितंबर 2023 में मार्सिले और 2014 में स्ट्रासबर्ग की यात्रा की थी, लेकिन इनमें से कोई भी आधिकारिक राजकीय यात्रा नहीं थी। सितंबर 2008 में पोप बेनेडिक्ट 16वें के दौरे के बाद पोप लियो की यह पहली यात्रा होगी।
25 सितंबर : रोम से पेरिस
शुक्रवार सुबह, पोप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:50 बजे रोम के फ्यूमिचिनो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रस्थान करेंगे और पेरिस के ओर्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरेंगे, जहाँ वे सुबह 10 बजे उतरेंगे। स्वागत समारोह के बाद, पोप देश के राष्ट्रपति, इमानुएल मैक्रों से एलीसी पैलेस में मिलेंगे।
इसके बाद, पोप लियो अधिकारियों, सिविल सोसाइटी और कूटनीतिक निकाय को संबोधित करेंगे। पहले दिन दोपहर में, वे यूनेस्को के मुख्यालय में भाषण देंगे।
शाम का कार्यक्रम नोट्रे-डेम महागिरजाघर में याजकों और धर्मसंघी पुरुषों एवं महिलाओं के साथ संध्या वंदना के साथ समाप्त होगा, जहाँ पोप प्रवचन देंगे।
पोप लियो फ्रांस में अपने पहले दिन का समापन संत-डेनिस में स्टेट डी फ्रांस में करेंगे, जहाँ वे युवाओं के साथ प्रार्थना सभा में समय व्यतीत करेंगे।
26 सितंबर : पेरिस और लूर्द
फ्रांस में उनका दूसरा दिन पेरिस महाधर्मप्रांत द्वारा चलाए जा रहे सोशल सपोर्ट और इंटीग्रेशन के लिए संत बखिता सेंटर के दौरे से शुरू होगा।
यह प्रोजेक्ट फरवरी 2017 में पोप फ्रांसिस की हर आप्रवासी का "स्वागत, सुरक्षा, बढ़ावा और एकीकरण करने" की अपील के जवाब में शुरू हुआ था, जिसे उन्होंने "न्याय, सभ्यता और एकजुटता का कर्तव्य" कहा था।
फिर, पोप लियो पेरिस की काथलिक यूनिवर्सिटी में प्रांतीय सिनॉडल सभा के सदस्यों, नव दीक्षार्थियों और नये बपतिस्मा प्राप्त लोगों से मिलेंगे।
लूर्द जाने से पहले, पोप पेरिस में अपना कार्यक्रम प्लाज देला ला कॉनकॉर्ड में ख्रीस्तयाग के साथ खत्म करेंगे।
लूर्डेस पहुंचने के बाद, वे दिव्यदर्शन के ग्रोटो में प्रार्थना करेंगे, जो लूर्द की माता मरियम का तीर्थस्थल है।
27 सितंबर : लूर्द
लूर्द में पहले दिन की सुबह, पोप लियो प्लास दे ला कॉनकॉर्ड की माता मरियम के तीर्थस्थल में संत बर्नादेत ऑडिटोरियुम में फ्राँसीसी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद तीर्थस्थल पर ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।
इसके बाद वे एक्यूइल नोट्रे डेम के स्टाफ और बीमार लोगों से मिलेंगे। यह एक खास स्थानीय स्वास्थ्य देखभाल और स्वागत केंद्र है जहां दुनियाभर से तीर्थयात्री अपनी तीर्थयात्रा के दौरान आते और रुकते हैं।
उस मुलाकात के बाद, पोप लूर्द के कार्मेलाइट मठ में एकांतमठवासी धर्मबहनों के साथ एक व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। रात को तीर्थस्थल में पारंपरिक टॉर्चलाइट रोजरी शोभायात्रा होगी।
28 सितंबर : लूर्द, मेट्ज़, रोम
फ्रांस में अंतिम दिन पोप मेट्ज़ जाएंगे, जहां वे एक अंतरधार्मिक सभा और “रॉबर्ट शुमान” कॉन्फ्रेंस सेंटर में “टू द रूट्स ऑफ यूरोप फॉर पीस एंड यूनिटी” मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
संत स्टीफन महागिरजाघर में समापन ख्रीस्तयाग के साथ पोप लियो की फ्रांस में प्रेरितिक यात्रा समाप्त होगी। यह नियो-गॉथिक चर्च है, जिसे "लैंटर्न ऑफ गॉड" भी कहा जाता है, अपनी 6,500 वर्ग मीटर से अधिक की रंगीन कांच की खिड़कियों के लिए मशहूर है। अंत में, पोप शाम 7 बजे मेट्ज़-नैन्सी-लोरेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रोम वापस जाएंगे।
आदर्शवाक्य और प्रतीक चिन्ह
इस प्रेरितिक यात्रा प्रतीक चिन्ह में रंगीन कांच की खिड़कियाँ हैं जो फ्रांस के गोथिक महागिरजाघर की गुलाब जैसी खिड़कियों की याद दिलाती हैं, जो कलीसिया के अंदर मेलजोल और एकता की सुंदरता को दिखाती हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रतीक चिन्ह के बीच में एक नुकीला गोथिक मेहराब और क्रूस है, जो "यात्रा के प्रेरितिक और धार्मिक पहलू" को दिखाता है। एक कबूतर, जो पवित्र आत्मा को दिखाता है, एक जैतून की डाली लिए हुए है, जो मानव के लिए शांति का प्रतीक है।
नीले, सफेद और लाल रंग फ्रांस के रंगों को वाटिकन के रंगों के साथ मिलाते हैं।
चुना गया आदर्शवाक्य, "ताकि दुनिया में जीवन हो," को "उम्मीद और मेल-जोल का बुलावा" बताया गया है, जो लोगों को शांति, मेल-मिलाप और भाईचारे को बांटने के लिए फूट को दूर करने के लिए बढ़ावा देता है, जो दुनिया में नये जीवन के संकेत हैं। बयान में आगे कहा गया है कि ये शब्द "उस भावना को भी दिखाते हैं जिससे फ्रांस में कलीसिया पोप की यात्रा का स्वागत करती है: खुशी, खुलेपन और ईश्वर से मिलनेवाले जीवन की गवाही देने की गहरी इच्छा के साथ।"
दुर्व्यवहार से पीड़ित लोगों से मुलाकात
आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के साथ ही, वाटिकन प्रेस कार्यालय ने घोषणा की कि, "फ्रांस की आगामी प्रेरितिक यात्रा के दौरान, पोप लियो 14वें कलीसिया में दुर्व्यवहार से पीड़ित कई लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।"
बयान में कहा गया, "इस मुलाकात की तैयारी में पीड़ित खुद शामिल होंगे," और कहा कि तारीख, जगह या हिस्सा लेनेवालों की संख्या के बारे में अभी कोई और जानकारी नहीं दी जा रही है, हालांकि बाद में और जानकारी दी जा सकती है।
यह मुलाकात पोप की स्पेन यात्रा के दौरान पीड़ितों से हुई मुलाकात के बाद हो रही है। फ्रांस में इसका खास महत्व है, जहां कलीसिया दुर्व्यवहार के संकट से बहुत अधिक हिल गयी है और हाल के सालों में, उसने संरचनात्मक सुधार किए हैं और जवाबदेही एवं चंगाई की एक लगातार प्रक्रिया चल रही है।
स्वयंसेवक और वेबसाइट
मार्सिले के महाधर्माध्यक्ष और फ्राँसिसी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल जीन-मार्क एवलिन ने कहा, "कई महीनों पहले, हमने कार्यक्रम की शुरुआती मसौदा बनाने के लिए पोप के साथ काम किया था।" "तब से, वाटिकन, धर्माध्यक्षीय सम्मेलन, पेरिस और मेट्ज़ धर्मप्रांत एवं लू्र्द के तीर्थस्थल में हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर, हमने इस यात्रा के हर विवरण को फाइनल करने के लिए बहुत मेहनत की है। आज इसे पूरे फ्रांस के साथ साझा कर पाना बहुत खुशी की बात है।"
पोंटोइस के धर्माध्यक्ष बेनोइट बेर्त्रांद ने कहा: "सब कुछ व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि जो कोई भी इस खास अवसर में हिस्सा लेना चाहता है, वह हिस्सा ले सके। व्यवहारिक जानकारी और व्यवस्था फाइनल होते ही धीरे-धीरे सूचित किए जाएंगे।"
पेरिस महाधर्मप्रांत ने प्रतिभागियों का स्वागत करने और पोप के दौरे को आयोजित करने में मदद के लिए 10,000 स्वयंसेवकों को शामिल करने की योजना बनायी है।
फ्रांस में कलीसिया ने पोप के दौरे के लिए एक खास वेबसाइट भी जारी किया है, जहाँ लोग स्वयंसेवक के रूप में सेवा करने के लिए फ्री में रजिस्टर कर सकते हैं या इस अवसर पर अपना योगदान देनेके लिए दान कर सकते हैं।
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