पोलैंड : शांति को बढ़ावा देने के लिए वाटिकन मीडिया को मिला पुरस्कार
वाटिकन न्यूज
वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 22 जनवरी 26 (रेई) : बेनेमेरेंती पुरस्कार वाटिकन रेडियो-वाटिकन न्यूज के पोलिश विभाग और समाचार पत्र लोसेरवातोरे रोमानो को "शांति और सुरक्षा के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए" दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह 21 जनवरी को वारसॉ में पोलिश आर्मी म्यूजियम में सैन्य अध्यादेश की स्थापना की 35वीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित एक उत्सव के दौरान हुई।
यह सम्मान पोलैंड के सैन्य धर्माध्यक्ष विस्लाव लेचोविक्ज़ ने दिया, जिन्होंने कहा कि वे वाटिकन मीडिया के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से बहुत खुश हैं क्योंकि यह "इस बात की पुष्टि करता है कि मीडिया शांति और सुरक्षा के लिए काम करती है।" उन्होंने आगे कहा कि "वाटिकन संचार विभाग ने पोप और कलीसिया की आवाज को आगे बढ़ाता है, जो येसु की सेवा करता है, जो शांति के राजा हैं। हर ख्रीस्तयाग में हम येसु के शब्दों को याद करते हैं: "तुम्हें शांति मिले।" धर्माध्यक्षों ने सभी वाटिकन मीडिया पत्रकारों को धन्यवाद दिया क्योंकि, "आज की दुनिया में, जहाँ इतने सारे युद्ध हैं और जिसमें सच्चाई, प्यार, शांति, न्याय और एकजुटता जैसे मूल्यों की हमेशा सराहना नहीं की जाती है, वाटिकन मीडिया इन मूल्यों को बढ़ावा देना और उनका साक्ष्य देना जारी रखता है।"
शांति की सेवा में संचार का मिशन
अपने भाषण में, वाटिकन मीडिया के संपादकीय निदेशक अंद्रेया तोरनिएली ने जोर देकर कहा: "हमारा मिशन संत पेत्रुस के उत्तराधिकारी की आवाज को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना है। पोलिश भाषा के संपादकीय सदस्य हमारे पूरे मीडिया सिस्टम के लिए एक मिसाल बन गई है, और पोलिश उन सात मुख्य भाषाओं में से एक है जिनमें महान संत जॉन पॉल द्वितीय की मौत के 21 साल बाद भी वाटिकन मीडिया जारी है!"
अंद३या तोरनियेली ने वाटिकन रेडियो की महान परंपरा, इसके विकास में येसु संघियों के योगदान और फादर पावेल राइटेल-अंड्रियानिक के नेतृत्ववाली टीम के काम पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची जानकारी प्रकाशित करना, सम्पर्क बनाना और जिम्मेदारी के साथ संचार का कार्य सम्पादित करना, काथलिक मीडिया के बुनियादी कार्य हैं। उन्होंने जोर दिया कि पोलिश विभाग इस मिशन में एक अहम भूमिका निभाता है, जो पोलैंड और विदेशों में बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचता है। अकेले पिछले साल, वाटिकन मीडिया में पोलिश में तैयार सामग्री को लगभग एक बिलियन बार देखा गया है।
पोलिश भाषा का महत्व
वाटिकन मीडिया के उप सम्पादकीय निदेशक और वाटिकन रेडियो-वाटिकन न्यूज़ के प्रमुख, मसिमिलियानो मेनीती ने वाटिकन मीडिया के इतिहास और आज पोलिश भाषा की खास जगह की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, "पोलिश भाषा ने हमेशा वाटिकन मीडिया के लिए एक केंद्रीय भूमिका निभाया है। इस भाषा ने तानाशाही के बुरे सालों में विश्वास को बचाए रखा। आज, वाटिकन रेडियो, वाटिकन न्यूज़ और लोसलवातोरे रोमानो के जरिए, यह सुसमाचार की खूबसूरती का प्रचार करता है और हर खबर को कलीसिया के सामाजिक सिद्धांत के नजरिए से दिखाता है।" उन्होंने आगे कहा कि हिंसा और अन्याय से भरी दुनिया में, वाटिकन मीडिया "उम्मीद की किरण" और—जैसा कि पोप हमें याद दिलाते हैं—"एक निहत्था और निरस्त्र संचार" लाता है।
पुरस्कार को सम्पादकीकय निदेशक अंद्रेया तोरनियेली, उपनिदेशक मसिमिलियानो मेनिकेती और पोलिश विभाग के इंचार्ज फादर पावेल राइटल-अंद्रियानिक ने मिलकर लिया। इसके अलावा, पोलिश सेक्शन के कर्मचारियों को शांति को बढ़ावा देने के लिए मिलितो प्रो क्रिस्टो मेडल (ख्रीस्त के सैनिक) से सम्मानित किया गया।
दूसरे सम्मान
इस साल के मिलिट्री ओरदिनारियो मेलितारे पुरस्कार पोलिश आर्मी के जाने-माने जनरलों और संस्थाओं को भी दिए गए। इनमें आर्म्ड फोर्सेज़ ऑपरेशनल कमांड, आर्म्ड फोर्सेज़ सपोर्ट इंस्पेक्टरेट और करोल कुर्पिन्स्की एयर फोर्स रिप्रेजेंटेटिव ऑर्केस्ट्रा शामिल हैं। पोलैंड में मिलिट्री ऑर्डिनरीएट 1919 से है और इसने खास तौर पर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाई। कम्युनिस्ट शासन के दौरान, सरकारी अधिकारियों ने सैनिकों की प्रेरितिक देखभाल रोक दी थी। पैंतीस साल पहले, संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने मिलिट्री धर्माध्यक्ष को फिर से शुरू किया। अभी, इस धर्माध्यक्ष के अंदर 130 से पुरोहित सैनिकों के लिए काम करते हैं।
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