पियुस दसवें धर्मसमाज ने किया संवाद का बहिष्कार
वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन स्थित परमधर्मपीठीय विश्वास एवं धर्मसिद्धान्त परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल मानुएल फेरनानडेज़ को लिखे एक पत्र में सन्त पियुस धर्मसमाज के धर्माचार्य दाविदे पालियारानी ने परमधर्मपीठ द्वारा प्रस्तावित सम्वाद के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
बातचीत की सम्भावना नहीं
12 फरवरी को वाटिकन में कार्डिनल फेरनानडेज़ के साथ बातचीत के बाद धर्मसमाज के अध्यक्ष पलियारानी ने पत्र में लिखा कि इस बात के मद्दे नज़र कि द्वितीय वाटिकन महासभा के पाठ में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता और न ही धार्मिक सुधार की वैधता पर सवाल उठाया जा सकता है इसलिये उन्हें "धर्मतत्व वैज्ञानिक" बातचीत शुरू करने की कोई संभावना नहीं दिखती।
फादर पलियारानी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि आगामी पहली जुलाई के लिये निर्धारित नये धर्माध्यक्षों के अभिषेक का कार्यक्रम ज्यों का त्यों रहेगा। उन्होंने लिखा कि "धर्मसिद्धांत पर सहमति न बन पाने के कारण, 1 जुलाई को नये धर्माध्यक्षों की नियुक्ति का फ़ैसला पुष्ट किया गया है।"
ग़ौरतलब है कि 12 फरवरी की बैठक के उपरान्त एक बयान में, कार्डिनल फेरनानडेज़ ने इस बैठक को रचनात्मक, सदभावनापूर्ण और "ईमानदार" निरूपित किया था और सन्त पियुस धर्मसमाज के सदस्यों को "एक खास धर्मतत्ववैज्ञानिक बातचीत" शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें विगत दो फरवरी को घोषित नये धर्माध्यक्षों की नियुक्ति को भी मुल्तवी करने का अनुरोध किया था।
पाँच सदस्यों का पत्र
एक हफ़्ते पहले धर्मसमाज अध्यक्ष पालियारानी ने घोषणा की थी कि वे धर्मसमाज के महापरिषद के सदस्यों के सामने वाटिकन का प्रस्ताव पेश करेंगे। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की थी कि "इसे जांचने के लिए समय लगेगा" जबकि 18 फरवरी को धर्मसमाज के पाँच सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र कार्डिनल फेरनानडेज़ को भेज दिया गया।
स्मरण रहे कि 70 के दशक में धर्माध्यक्ष मारसेल लेफेब्रे ने द्वितीय वाटिकन महासभा के सुधारों को ठुकराते हुए स्वतः को वाटिकन से अलग कर लिया था और सन्त पियुस धर्मसमाज की स्थापना कर डाली थी।
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