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अफगानी नारियाँ अफगानी नारियाँ   (AFP or licensors)

सर्दी में अफगानिस्तान की स्थिति चिंतनजनक

सर्दी के दस्तक देते ही अफगानिस्तान में 28 मिलियन से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता होगी।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 25 नवम्बर 2022 (रेई) सर्दी के शुरू होते ही करीबन 28 मिलियन अफगानी लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत होगी।

पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता बाधित हुई जिसके कारण देश को आर्थिक और मानवीय उथल-पुथल का सामना करना पड़ा है।

पिछले हफ्ते, संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान की स्थितियों की एक तस्वीर पेश की, जिसमें निराशाजनक मानवीय स्थिति पर प्रकाश डाला गया, जिसके अनुसार सर्दी के शुरू होते ही लाखों लोगों के दैनिक जीवन की स्थिति बदतर हो जायेगी।

यह अनुमान लगाया गया है कि 28 मिलियन से अधिक लोग – जो अफगानिस्तान की पूरी आबादी का दो-तिहाई हिस्सा हैं- को मानवीय सहायता की आवश्यकता होगी, जो कि दो साल पहले की तुलना में 18 मिलियन से अधिक है।

हाल ही में पता चला है कि अफगानिस्तान में सेव द चिल्ड्रेन के मोबाइल स्वास्थ्य क्लीनिक में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या में जनवरी से 47% की वृद्धि हुई है, इसमें अधिकतर बच्चे खतरनाक कुपोषण के शिकार होते हैं जिनमें कुछ की मृत्यु उपचार से पहले ही हो जाती है।

विशेषज्ञों ने गर्मियों की फसल के देखते हुए भूखमारी के स्तर में गिरावट देखने की उम्मीद की थी, लेकिन सूखाड़ के कारण फसलें खराब हो गई और फसल सामान्य से बहुत कम हुई हैं, जिससे कई ग्रामीण परिवारों को भोजन खरीदने के लिए अपनी जमीन और मवेशियों को बेचने हेतु विवश होना पड़ रहा है।

भूख के विरूध कार्य करने वाले संस्थान के अनुसार, संघर्ष दुनिया भर में भूख का प्रमुख कारण बना हुआ है। यूक्रेन में युद्ध ने पूर्वी अफ्रीका और अन्य जगहों पर खाद्य संकट को बढ़ा दिया है, खाद्य और उर्वरक की कीमतें आसमान छू रही हैं। सूखा और बाढ़ जैसी जलवायु आपदाएं भी खाद्य असुरक्षा के प्रमुख कारणों में से एक है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम कहता है कि 46 देशों में 49 मिलियन लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं और जब तक उन्हें तत्काल जीवन रक्षक सहायता नहीं मिलती है, वे अकाल के शिकार हो सकते हैं।

25 November 2022, 14:58